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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के तीसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में कोई लकà¥à¤·à¤£ मà¥à¤¶à¥à¤•िल ही दिखते हैं। इस समय फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ और इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚टेशन चल रहा होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के तीसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में शिशॠबà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥â€à¤Ÿ सà¥â€à¤Ÿà¥‡à¤œ पर होता है। इस समय विकसित हो रही पà¥â€à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा à¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाना शà¥à¤°à¥‚ करती है। खून या पेशाब में इसी हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की मौजूदगी से पता चलता है कि आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं।
तीसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में à¤à¥à¤°à¥‚ण गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की लाइनिंग में इंपà¥â€à¤²à¤¾à¤‚ट हो जाता है और आपको हलà¥â€à¤•ी सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हो सकती है। आपको यह पीरियड लग सकते हैं। यह सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने का पहला संकेत होती है। सà¥â€à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग में आने वाला खून पीरियड से हलà¥â€à¤•ा होता है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठयूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग मोटी होती है। à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने के कारण शरीर में पानी और गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है जिससे असहज और पेट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और थकान जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकसित हो रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह बनाने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर आसपास के अंगों पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनने जैसी पाचन से संबंधी दिकà¥â€à¤•तें होने लगती हैं।
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं के à¤à¥€ शरीर में गैस बनती है। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ने की वजह से गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगती है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की नरम मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। इन मांसपेशियों के रिलैकà¥â€à¤¸ होने पर खाना धीमी गति से पाचन तंतà¥à¤° की ओर आ सकता है।
पाचन के धीमा पड़ने पर आंतों में गैस अधिक बनने लगती है। इसकी वजह से डकार आने, गैस पास होने और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस से बचना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। हालांकि, कà¥à¤› आसान तरीकों से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने से जरूर रोक सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नोट करें कि कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने के बाद आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है।
बींस, मटर और साबà¥à¤¤ अनाज से गैस बन सकती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ à¤à¥€ गैस बनाते हैं।
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गैस बनने से रोकने, कम करने और कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥â€à¤¸ असरकारी साबित हो सकते हैं :
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क कम या बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न पिà¤à¤‚।तली हà¥à¤ˆ और à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें खाने से बचें।हमेशा गिलास से पानी या अनà¥â€à¤¯ कोई पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚।कपड़े पेट पर से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट नहीं होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥â€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का कम सेवन करें और खूब पानी पिà¤à¤‚।धीरे और चबा-चबाकर खाà¤à¤‚।
यह à¤à¥€ पढ़ें : पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में हंसने से बचà¥â€à¤šà¥‡ को मिलने वाले लाà¤
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के तीसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ के लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤µà¤‚ संकेत
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ का तीसरा हफà¥à¤¤à¤¾ ही वह समय होता है जब जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° महिलाओं को खà¥à¤¦ के गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने के बारे में पता चलता है। इस दौरान मां के विकास के साथ बचà¥â€à¤šà¥‡ की पहली à¤à¤²à¤• à¤à¥€ दिखाई पड़ती है। तीसरा हफà¥à¤¤à¤¾ आने तक महिलाओं के लाइफसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² में काफी परिवरà¥à¤¤à¤¨ आ चà¥à¤•ा होता है। आइठजानते हैं इस हफà¥à¤¤à¥‡ कà¥â€à¤¯à¤¾-कà¥â€à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ आते हैं :
1. शरीर में हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥â€à¤¸ के सà¥â€à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ और बचà¥â€à¤šà¥‡ की विकास की वजह से जी मचलना और उलà¥â€à¤Ÿà¥€ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है। शरीर में खिंचाव à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ हो जाता है। महिलाओं का वजन à¤à¥€ कम होने लगता है।
2. मà¥à¤‚ह का सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ बिगड़ जाता है। महिलाà¤à¤‚ इस दौरान जो à¤à¥€ खाती हैं उसका सà¥â€à¤µà¤¾à¤¦ उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥â€à¤›à¤¾ नहीं लगता। सिरà¥à¤« खटà¥à¤Ÿà¥€ चीजें ही उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥â€à¤›à¥€ लगती हैं।
3. इस हफà¥à¤¤à¥‡ शरीर में कोई बाहरी बदलाव नहीं दिखाई पड़ते हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला अंदरूनी बदलावों को आसानी से महसूस कर लेती है।
4. सिर दरà¥à¤¦ होना और सीढि़यां चढ़ते समय थकान महसूस करना à¤à¥€ पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है।
5. कई बार à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ हो सकता है जिस चीज को खाना महिला को बेहद पसंद होता है वह उसकी तरफ देखे ही ना यानि मूड में à¤à¥€ परिवरà¥à¤¤à¤¨ आ जाता है।
Gas problem in Pregnancy : गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में गैस कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ बनती है?
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की पहली तिमाही में शरीर में बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव आते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ तेजी से बढ़ता है जिससे à¤à¥à¤°à¥‚ण के विकास के लिठयूटà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¨ लाइनिंग मोटी होती है। à¤à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ के बढ़ने के कारण शरीर में पानी और गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनती है जिससे असहज और पेट में दरà¥à¤¦ महसूस होता है।
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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ की तीसरी तिमाही में मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस और थकान जैसे लकà¥à¤·à¤£ कम होने लगते हैं और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ विकसित हो रहे à¤à¥à¤°à¥‚ण के लिठजगह बनाने लगता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के बढ़ने पर आसपास के अंगों पर दबाव पड़ता है जिससे कबà¥â€à¤œ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनने जैसी पाचन से संबंधी दिकà¥â€à¤•तें होने लगती हैं।
शरीर में गैस बनती है। शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥â€à¤¤à¤° बढ़ने की वजह से गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने लगती है। ये हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ गैसà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‚टेसà¥â€à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² मारà¥à¤— की नरम मांसपेशियों को आराम पहà¥à¤‚चाने का काम करता है। इन मांसपेशियों के रिलैकà¥â€à¤¸ होने पर खाना धीमी गति से पाचन तंतà¥à¤° की ओर आ सकता है।
पाचन के धीमा पड़ने पर आंतों में गैस अधिक बनने लगती है। इसकी वजह से डकार आने, गैस पास होने और पेट फूलने की दिकà¥â€à¤•त à¤à¥€ हो सकती है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस से बचना थोड़ा मà¥à¤¶à¥à¤•िल है। हालांकि, कà¥à¤› आसान तरीकों से आप पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी में गैस जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बनने से जरूर रोक सकते हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में गैस बनने को बढ़ावा दे सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में आप नोट करें कि कà¥â€à¤¯à¤¾ खाने के बाद आपको जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गैस बनती है।
बींस, मटर और साबà¥à¤¤ अनाज से गैस बन सकती है। इसके अलावा बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤¸à¥â€à¤ªà¥ˆà¤°à¥‡à¤—स, पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ à¤à¥€ गैस बनाते हैं।
अमेरिकन पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤¶à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान गैस बनने से रोकने, कम करने और कंटà¥à¤°à¥‹à¤² करने के लिठनीचे बताठगठटिपà¥â€à¤¸ असरकारी साबित हो सकते हैं :
कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क कम या बिलà¥â€à¤•à¥à¤² न पिà¤à¤‚।तली हà¥à¤ˆ और à¤à¤¾à¤°à¥€ चीजें खाने से बचें।हमेशा गिलास से पानी या अनà¥â€à¤¯ कोई पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।दिनà¤à¤° में थोड़ा-थोड़ा कर के खाà¤à¤‚।कपड़े पेट पर से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ टाइट नहीं होने चाहिà¤à¥¤à¤†à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥â€à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° का कम सेवन करें और खूब पानी पिà¤à¤‚।धीरे और चबा-चबाकर खाà¤à¤‚।
तीसरे सपà¥â€à¤¤à¤¾à¤¹ में इन बातों का रखें धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨
शरीर में बदलाव: पिछले हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की तरह आपको अपने बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ और दरà¥à¤¦ महसूस होगा। थकान और कमजोरी महसूस होने लगेगी। शरीर का तापमान कà¥à¤› जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहेगा। चीजों को सूंघने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़ जाà¤à¤—ी।
बचà¥â€à¤šà¥‡ का विकास:पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी के पहले हफà¥à¤¤à¥‡ में निषेचित अंडे में विà¤à¤¾à¤œà¤¨ होता। कोशिकाओं के इस गोले को विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ की à¤à¤¾à¤·à¤¾ में बà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤¸à¤¾à¤‡à¤Ÿ कहते हैं। अà¤à¥€ à¤à¥€ आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ महजा कोशिकाओं की à¤à¤• गेंद ही है।
अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड रिपोरà¥à¤Ÿ: पहले दो हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में बचे की कोई à¤à¥€ अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड इमेज नहीं आती। अà¤à¥€ आपका बचà¥â€à¤šà¤¾ अलà¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में नहीं दिखाई देगा।
डायट: जलà¥â€à¤¦ ही आपको कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की बहà¥à¤¤ जरूरत होगी इसलिठदूध, पनीर, दही जैसी चीजें खाइà¤à¥¤ इसके अलावा आपको कबà¥â€à¤œ से बचने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना चाहिà¤à¥¤ विटामिन सी वाले फल, हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, फल, साबà¥à¤¤ अनाज और दालों को अपनी डायट में शामिल करें ताकि परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ पोषण मिल सके। जंक या फासà¥â€à¤Ÿ फूड से दूर रहें।
टिपà¥â€à¤¸: सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ जीवनशैली अपनाà¤à¤‚, नशे वगैरह से दूर रहें। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° ने जो फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सपà¥â€à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट दिया है उसे नियमित रूप से लेती रहें। तनाव से दूर रहें। हलà¥â€à¤•ी-फà¥à¤²à¥â€à¤•ी कसरत करें लेकिन जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उछल-कूद से बचें। अà¤à¥€ कहीं यातà¥à¤°à¤¾ न करें। कोई à¤à¥€ दवा लेने से पहले अपने डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर ले लें।
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